‘हैलो चार्ली’ की एक्ट्रेस से बातचीत : श्लोका पंडित बोलीं- बचपन से एक्ट्रेस बनने का सपना देखती थी, 7 साल के संघर्ष के बाद मिली पहली फिल्म

श्लोका पंडित ने फिल्म ‘हैलो चार्ली’ से बॉलीवुड डेब्यू किया है। फिल्म में उन्होंने गांव की लड़की का किरदार निभाया है, जो सर्कस में परफॉर्म करती है। खास बातचीत में श्लोक ने फिल्म और अपने स्ट्रगल के बारे में बात की। पेश हैं बातचीत के अंश:-

Q. यह फिल्म कैसे मिली और इसके लिए क्या तैयारियां की?
A. 
मुझे एक्ट्रेस तो बनना ही था। यह मेरा बचपन का ख्वाब था। मैं ऑलरेडी ऑडिशन के लिए गई हुई थी। जिस कास्टिंग एजेंसी को ऑडिशन दे रही थी, उसी के पास ‘हैलो चार्ली’ की कास्टिंग असाइन हुई थी। उसके बाद मैंने आदर जैन के साथ रीडिंग की और तीन राउंड में ऑडिशन दिया। लेकिन तब तक दूसरी लड़कियों के भी ऑडिशन चल रहे थे, मेरा कंफर्म नहीं था। 2 महीने बाद मुझे कॉल आया कि आप इस रोल के लिए सिलेक्ट हो गए हैं। तैयारी की बात करूं तो मैंने और आदर ने मिलकर कई वर्कशॉप किए थे। कॉमिक टाइमिंग के लिए नहीं, बल्कि स्पॉन्टेनियस बनने के लिए। उस किरदार में घुसने के लिए हमने वर्कशॉप किए थे।

Q.अपने ड्रीम और पहली फिल्म के बीच कितना समय लगा?
A. 
करीबन 7 साल का स्ट्रगल रहा है। 16 साल की उम्र से ही ट्रेनिंग ले रही हूं। मैंने कभी कॉलेज लाइफ एन्जॉय नहीं की। मुंबई के जय हिंद कॉलेज से मैंने अपना ग्रैजुएशन किया है। उस वक्त मैंने काम शुरू कर दिया था। ट्रेनिंग शुरू की। मैंने कास्टिंग एजेंसी में बतौर एमडी काम किया है। 6-7 साल तक लगातार कोई न कोई ट्रेनिंग लेती रही। चाहे वह एक्टिंग हो या फिर डांसिंग। इस दौरान कई ऑडिशंस भी दिए। कास्टिंग एजेंसी से कई बार सुनने मिलता था कि आप बहुत छोटे लग रहे हो। आपका चेहरा बहुत बड़ा है, आपके बाल अच्छे नहीं हैं। तो मुझे समझ नहीं आता था कि कब क्या चीज काम कर जाएगी। लेकिन मैंने अपना हौसला बुलंद रखा और यह विश्वास रखा कि एक न एक दिन मुझे जरूर कामयाबी मिलेगी।

Q. सेट से जुड़ा कोई किस्सा बताएं?
A.
 सेट पर हर दिन नया काम चालू हुआ करता था। हमने फिल्म की शूटिंग कभी स्टूडियो में नहीं की। हमेशा रियल लोकेशन, हाईवे, रोड, या जंगलों में की। बहुत ही चैलेंजिंग था। रोज कुछ न कुछ हुआ करता था। हम हंसते थे। हम टेंशन में भी थे। सेट पर रोज कोई न कोई कॉमेडी हुआ ही करती थी। इस फिल्म में मेरा एक गाना है जिसकी शूटिंग हमने पैंडेमिक के दौरान की। कनिका कपूर ने वह गाना गाया है। इसे करने का बहुत ही अलग एक्सपीरियंस रहा। क्योंकि सभी पीपीई किट में रहते थे। हर वक्त सैनिटाइजेशन हुआ करता था। सेट पर शूटिंग के कारण हम मास्क नहीं पहनते थे। ताकि मेकअप और हेयर खराब न हो जाए। वे 3 दिन बहुत ही चैलेंजिंग थे।

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