भाजपा-कांग्रेस के लिए काम कर रहे थे दो-दो नेटवर्क : फेसबुक 2019 में भारत में संदिग्ध-फर्जी खाते वाले 4 नेटवर्क हटाना चाहता था, पर भाजपा सांसद के कारण पीछे हट गया

फेसबुक ने भारत में फर्जी खाते हटाने की योजना बनाई थी। लेकिन, जब उसे इस मामले में एक भाजपा सांसद के सीधे शामिल होने के सबूत मिले तो वह पीछे हट गया। फेसबुक की एक पूर्व डेटा साइंटिस्ट सोफी झांग ने यह दावा किया है। द गार्डियन की रिपोर्ट के मुताबिक, झांग कहती हैं, ‘भारत के करीब सभी राजनीतिक दल फेक लाइक, शेयर्स और कमेंट्स का इंतजाम कर लेते हैं। मैंने दिसंबर 2019 में संदिग्ध फेसबुक खातों वाले चार नेटवर्क का पता लगाया था।

इनके जरिए फर्जी लाइक्स, शेयर्स, कमेंट्स और रिएक्शंस का प्रसार किया जा रहा था। इनमें से दो-दो नेटवर्क भाजपा और कांग्रेस के समर्थन में काम कर रहे थे। फेसबुक की चेकपाॅइंट प्रणाली के जरिए भाजपा सांसद की संलिप्तता का पता चला। यह प्रणाली उपयोगकर्ता को उसके असली नाम के साथ सिर्फ एक खाता रखने की अनुमति देती है।’ अखबार का कहना है कि उसे उस भाजपा सांसद का नाम मालूम है। लेकिन, जब तक उसके खिलाफ सभी पुख्ता सबूत नहीं मिलते, वह नाम नहीं उजागर करेगा।

झांग कहती हैं, ‘मैंने भारत के 2019 के आम चुनाव से पहले करीब सभी राजनीतिक दलों के फेसबुक पेजों की जांच की थी। खासकर उनकी जांच की, जिन पर आपत्तिजनक मैसेज थे। तब फेसबुक ने इन पेजों पर आए 22 लाख से ज्यादा रिएक्शंस, 17 लाख शेयर्स और 3.30 लाख कमेंट्स हटा दिए।’ फेसबुक की प्रवक्ता लिज बुर्जुआ ने कहा, ‘हम झांग के आरोपों से असहमत हैं।

हम अपने प्लेटफार्म के दुरुपयोग को रोकने की पूरी कोशिश करते हैं। इसके लिए हमारे पास विशेष टीम है। हमारी टीम ने पिछले कुछ सालों में अहम जांच कर तीन बड़े मामले भारत से साझा किए हैं। हम अपनी नीतियों के अनुरूप फर्जी खाते हटा रहे हैं।’ फेसबुक पर पहले भी राजनीतिक पक्षपात के आरोप लगे हैं। पिछले साल अगस्त में अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल में एक मामले की रिपार्ट छपी थी।

चेकपाॅइंट प्रणाली से पकड़ा गया भाजपा सांसद का संदिग्ध खाता
रिपोर्ट के मुताबिक फेसबुक के एक कर्मचारी ने 19 दिसंबर 2020 को 500 खाते को चेकपाॅइंट को भेजे थे। ये खाते तीन नेटवर्क से जुड़े थे। वही कर्मचारी 20 दिसंबर को चौथे नेटवर्क से जुड़े 50 खाते भी चेकपाॅइंट को भेजने की प्रक्रिया पर काम कर रहा था। तभी वह रुक गया।

उसने एक खाते को ‘एक्स चेक सिस्टम’, ‘गवर्नमेंट पार्टनर’ और ‘हाई प्रायोरिटी इंडियन’ विकल्पों को टैग किया।’ झांग कहती हैं, ‘इस सिस्टम का उपयोग प्रमुख खातों को चिह्नित करने के लिए किया जाता है। इससे मुझे समझ आया कि वह संदिग्ध खाता भाजपा सांसद का था।’ दस्तावेजों से यह भी पता चलता है कि झांग ने संदिग्ध खाते के बारे में फेसबुक प्रबंधन से बार-बार शिकायत की। लेकिन उनकी नहीं सुनी गई।

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