आतंक के आगे नहीं झुकेंगे : श्रीनगर के कृष्णा ढाबे में आतंकियों ने बेटे को मारा, पिता ने फिर खोला, कहा- बेटा खोया, हौसला नहीं

जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में मशहूर ढाबा चलाने वाले रमेश कुमार ने बेटे की मौत के दो महीने बाद फिर से ढाबा खोल दिया है। वे कहते हैं- मैंने बेटा खोया है, हौसला नहीं। अब किसी बात का डर नहींं। मैं यहीं पैदा हुआ और बड़ा हुआ। मुझे किसी बात का खतरा नहीं। दरअसल, 17 फरवरी को श्रीनगर के कृष्णा ढाबे में आतंकियों ने रमेश के बेटे आकाश मेहरा को गोलियां मार दी थी। करीब 11 दिन संघर्ष के बाद आकाश जिंदगी की जंग हार गए।

बेटे को खोने के बावजूद रमेश कुमार ने आतंकियों के सामने झुकने से मना कर दिया और बेटे की मौत के महज दो महीनों में फिर ढाबा खोल दिया। रमेश कुमार कहते हैं, ‘मेरा बेटा यहीं पर कुर्बान हुआ है। इसे बंद रखने का मतलब उसकी आत्मा को दुखी करना होगा।

हम कश्मीर में पैदा हुए हैं, यह हमारी मिट्टी है, हमारा घर है, कोई हमें यहां से नहीं निकाल सकता। मैं यहां खुद को पूरी तरह से सुरक्षित महसूस करता हूं।’ पुलिस ने इस मामले में तीन आतंकियों को गिरफ्तार किया था। हमला उस वक्त हुआ था, जब दुनिया के 24 विशेषज्ञों का प्रतिनिधिमंडल जम्मू-कश्मीर के हालात जानने के लिए राज्य के दौरे पर था।

हमले के बाद जम्मू शिफ्ट हो गए थे: आतंकी हमले के बाद से कृष्णा ढाबा बंद था। इसके बाद रमेश कुमार परिवार के साथ जम्मू शिफ्ट हो गए थे। लेकिन रमेश कुमार ने एक बार फिर आतंक के खिलाफ हिम्मत दिखाकर डट गए हैं और नई शुरूआत करते हुए इस ढाबे को फिर से खोल दिया है।

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