MP में आज से ज्यादा सख्ती : भोपाल, इंदौर, जबलपुर और उज्जैन समेत पूरे प्रदेश में पाबंदियां 30 अप्रैल तक बढ़ीं

मध्यप्रदेश में कोरोना से हालात लगातार बेकाबू होते जा रहे हैं। प्रदेश सरकार ने भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत पूरे प्रदेश में आज से 30 अप्रैल तक सख्ती बढ़ा दी है। इसके मद्देनजर गृह विभाग ने गाइडलाइन भी जारी कर दी है। उधर, ग्वालियर में रेमडेसिविर बांटने के लिए रात 11 बजे तक कलेक्टोरेट में हंगामा होता रहा। इस बीच मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने भी दमोह और बंगाल चुनाव में कोविड प्रोटोकॉल के उल्लंघन पर राज्य, केंद्र सरकार और चुनाव आयोग से जवाब मांगा है।

संक्रमण दर 24.7% हुई
पिछले 24 घंटों में प्रदेश में 12,727 नए मामले सामने आए। 79 मौतें भी हुईं। राहत की बात ये है, पिछले 24 घंटे में 8,937 लोग ठीक भी हुए हैं। हालांकि संक्रमण दर 24.7% पहुंच गई है, जो अब तक की सबसे ज्यादा है।

छोटे जिलों में भी हालात खराब
सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि बड़े शहरों के साथ अब छोटे जिलों में भी हालात खराब होते जा रहे हैं। बेहतर इलाज की आस में लोग छोटे शहरों से इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर का रुख कर रहे हैं, लेकिन यहां निराशा ही हाथ लग रही है। मंगलवार को इंदौर में सतना से आए युवक ने अस्पताल के बाहर चार घंटे इंतजार के बाद एम्बुलेंस में ही दम तोड़ दिया। सागर में फ्रीजर खराब होने से 20 शव सड़ रहे हैं।

इधर, सरकार के दावों के बावजूद प्रदेशभर में रेमडेसिविर, ऑक्सीजन और अस्पतालों में बेड की किल्लत बनी हुई है। इसी को देखते हुए भोपाल में सागर ग्रुप की ओर से 500 बेड और उज्जैन में 300 बेड की अतिरिक्त व्यवस्था की जाएगी। इंदौर में भी राधास्वामी व्यास परिसर में 600 बेड की व्यवस्था की गई है।

श्मशानों में चार-चार घंटे की वेटिंग
सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक पिछले 24 घंटों में चार बड़े शहरों में ही महज 25 मौतें हुई हैं, लेकिन श्मशानों में जलती चिताएं हकीकत बयां कर रही हैं। सभी बड़े शहरों के श्मशानों में चार-चार घंटे की वेटिंग चल रही है।

MP के 4 बड़े शहरों का हाल
1. भोपाल:
 100 डॉक्टर और 40 नर्सें संक्रमित, आईसीयू फुल

पिछले 24 घंटों में राजधानी में 1709 नए केस मिले। सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक 5 लोगों की मौत हुई। हालांकि मंगलवार को यहां 146 शवों का कोविड प्रोटोकाॅल में अंतिम संस्कार किया गया। वहीं 1681 लोगों को डिस्चार्ज भी किया गया। अस्पतालाें का हाल देखें, तो हमीदिया अस्पताल का डी-ब्लॉक। 660 कोविड बेड, 595 फुल। 80 वेंटिलेटर, 250 ऑक्सीजन बेड भी फुल। इलाज में जुटे 870 डॉक्टरों में से 100 तो 650 नर्स में से 40 संक्रमित हो चुकी हैं। भदभदा विश्राम घाट में हर दिन 80 से ज्यादा कोविड अंतिम संस्कार हो रहे हैं। यहां चिता स्थल के लिए डेढ़ से दो घंटे की वेटिंग चल रही है।

2. इंदौर: 6 महीने बाद भी सिर्फ 7000 बेड, एक्टिव मरीज 13 हजार
यहां पिछले 24 घंटों में 1753 नए मामले सामने आए, जबकि 8 की मौत हुई। प्रशासन ने यहां भी आज से सख्ती बढ़ाई है। आवश्यक सेवाओं को छोड़ सभी कुछ बंद रखने के निर्देश हैं। प्रशासन की सूची में कोरोना मरीजों के लिए 107 अस्पताल आरक्षित हैं, इनमें 7000 बेड उपलब्ध हैं, लेकिन हकीकत में मरीज एक-एक बेड को तरस रहे हैं।

प्रशासन एमवाय, चाचा नेहरू, सेवाकुंज अस्पताल के बेड भी कोरोना मरीजों के लिए खोलने का दावा कर रहा है, लेकिन सभी कोशिशें ऑक्सीजन सप्लाई के आगे घुटने टेक रही हैं। अस्पतालों में ICU, HDU और ऑक्सीजन मिलाकर 5500 बेड हैं और सभी फुल हैं। यदि तीन हजार बेड बढ़ाए जाते हैं, तो हर दिन सवा सौ से डेढ़ सौ टन ऑक्सीजन की जरूरत होगी, जो फिलहाल नहीं है।

3. जबलपुर: बेड की मारामारी का बड़ा कारण, संक्रमण की रफ्तार

चौहानी मुक्तिधाम में अपनों को विदाई देने वालों के आंसू देखकर कांप जाएगा कलेजा। यहां एक ही परिवार में दो भाइयों की मौत हो गई। पिता अस्पताल में भर्ती हैं।

चौहानी मुक्तिधाम में अपनों को विदाई देने वालों के आंसू देखकर कांप जाएगा कलेजा। यहां एक ही परिवार में दो भाइयों की मौत हो गई। पिता अस्पताल में भर्ती हैं।

जिले में संक्रमण बड़ी तेजी से बढ़ा है। अप्रैल की शुरुआत में एक भी कंटेनमेंट जोन नहीं बना था। अब 34 कंटेनमेंट जोन सक्रिय हैं। इसमें एक ही परिवार के ज्यादातर लोग संक्रमित हैं। वहीं इस बार के संक्रमण में बड़ी संख्या युवक व बच्चों की भी है। इसमें जान गंवाने वाले भी युवक शामिल हैं। इसे ऐसे भी समझ सकते हैं कि कोरोना की रिकवरी रेट लगातार घटती जा रही है। 20 दिनों में यह 91.91% से 80.70% पर आ गया।

4. ग्वालियर: रेमडेसिविर के लिए लगी भीड़, टूटी गाइडलाइन

मंगलवार रात रेमडेसिविर लेने कलेक्टोरेट पहुंचे लोगों की भीड़ लग गई।

मंगलवार रात रेमडेसिविर लेने कलेक्टोरेट पहुंचे लोगों की भीड़ लग गई।

मंगलवार को ग्वालियर में 1242 नए मरीज मिले और 28 की मौत हुई। इसके बाद ग्वालियर में कुल मौत का आंकड़ा 400 पार कर गया। रेमडेसिविर इंजेक्शन के लिए प्रशासन ने व्हाट्सऐप नंबर जारी किया था, जिसमें दोपहर 2 बजे तक अस्पताल के अलावा लोगों को अपने लिए कितने रेमडेसिविर इंजेक्शन चाहिए, वह डॉक्टर के पर्चे के साथ बताना था। इंजेक्शन रात में कलेक्टोरेट से बांटने थे। कलेक्टोरेट में रात 9 बजे इंजेक्शन लेने भारी संख्या में लोग पहुंचे थे। इस दौरान कोविड गाइडलाइन का भी उल्लघंन हुआ। लोग मास्क तो पहने थे, लेकिन इंजेक्शन जल्दी पाने के चक्कर में सोशल डिस्टेंसिंग भूल गए। रात 11 बजे तक यह हंगामा चलता रहा।

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